प्रेमी-प्रेमिका वशीकरण मंत्र (Premi Premika Vashikaran Mantra)
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सोमवार, 19 जनवरी 2015
lal kitab
रविवार, 18 जनवरी 2015
jat of history
जाट जाति के गौरवशाली इतिहास को कभी किसी इतिहासकार ने वर्णित नहीं किया
जाट जाति के गौरवशाली इतिहास को कभी किसी इतिहासकार ने वर्णित नहीं किया। बहुत खोजने पर जो मिला उसके कुछ अंश प्रस्तुत हैं जिसे पढ़कर आप स्वतः कह उठेगें, "हमें जाट होने पर गर्व है।"
देवसंहिता के कुछ श्लोक जो जाटों के सम्बन्ध में प्रकाश डालते हैं_____
पार्वत्युवाचः
भगवन सर्व भूतेश सर्व धर्म विदाम्बरः
कृपया कथ्यतां नाथ जाटानां जन्म कर्मजम् ।।12।।
अर्थ- हे भगवन! हे भूतेश! हे सर्व धर्म विशारदों में श्रेष्ठ! हे स्वामिन! आप कृपा करके मेरे तईं जाट जाति का जन्म एवं कर्म कथन कीजिये ।।12।।
का च माता पिता ह्वेषां का जाति बद किकुलं ।
कस्तिन काले शुभे जाता प्रश्नानेतान बद प्रभो ।।13।।
अर्थ- हे शंकरजी ! इनकी माता कौन है, पिता कौन है, जाति कौन है, किस काल में इनका जन्म हुआ है ? ।।13।।
श्री महादेव उवाच:
श्रृणु देवि जगद्वन्दे सत्यं सत्यं वदामिते ।
जटानां जन्मकर्माणि यन्न पूर्व प्रकाशितं ।।14।।
अर्थ- महादेवजी पार्वती का अभिप्राय जानकर बोले कि जगतवन्दनीय भगवती ! जाट जाति का जन्म कर्म मैं तुम्हारी ताईं सत्य-सत्य कथन करता हूँ कि जो आज पर्यंत किसी ने न श्रवण किया है और न कथन किया है ।।14।।
महाबला महावीर्या, महासत्य पराक्रमाः ।
सर्वाग्रे क्षत्रिया जट्टा देवकल्पाक दृढ़-व्रता: || 15 ||
अर्थ- शिवजी बोले कि जाट महाबली हैं, महा वीर्यवान, महान सत्यवादी और बड़े पराक्रमी हैं। क्षत्रिय प्रभृति क्षितिपालों के पूर्व काल में ये जाट ही पृथ्वी पर राजे-महाराजे रहे हैं, जाट देव-जाति से भी श्रेष्ठ है, और दृढ़-प्रतिज्ञा वाले हैं || 15 ||
श्रृष्टेरादौ महामाये वीर भद्रस्य शक्तित: ।
कन्यानां दक्षस्य गर्भे जाता जट्टा महेश्वरी || 16 ||
अर्थ- शंकरजी बोले हे भगवती ! सृष्टि के आदि में वीरभद्रजी की योगमाया के प्रभाव से उत्पन्न जो पुरूष उनके द्वारा और ब्रह्मपुत्र दक्ष महाराज की कन्या गणी से जाट जाति उत्पन्न होती भई, सो आगे स्पष्ट होवेगा || 16 ||
गर्व खर्चोत्र विग्राणां देवानां च महेश्वरी ।
विचित्रं विस्मवयं सत्वां पौराण कै साङ्गीपितं || 17 ||
अर्थ- शंकरजी बोले हे देवि! जाट जाति की उत्पत्ति का जो इतिहास है सो अत्यन्त आश्चर्यमय है। इस इतिहास में विप्र जाति एवं देव जाति का गर्व खर्च होता है। इस कारण इतिहास वर्णनकर्ता कविगणों ने जाट जाति के इतिहास को प्रकाशमान नहीं किया है || 17 ||
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जब कोई धन की व्यवस्था हो जाए तब आपको इतना ही शोध करना है कि कौनसी सामग्री किस ब्लॉग से उड़ानी है, यानी आपको वे ब्लॉग तलाशने है जिन पर आपकी जरुरत की सामग्री भरी पड़ी है| इस तरह के ब्लॉग तलाशने को भी आप शोध का दर्जा दे सकते है आखिर उनको तलाशना भी तो किसी शोध से कम नहीं| इस तरह कॉपी पेस्ट जैसी महान तकनीकि के सहारे आप एक छोटी-मोटी पुस्तक के लायक सामग्री कबाड़ लीजिये| यदि आपको कोई विषय नहीं सूझे तो सबसे बड़ा विषय है अपने ही समाज से संबंधित पुस्तक| आप प्रचारित कर सकते है कि आपके समाज का आजतक जिन लेखकों ने इतिहास लिखा था उन्होंने आपके समाज के प्रति दुर्भावनाओं व पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर गलत लिखा और अब आप उसे ठीक व सही तरीके से लिखने का महान कार्य कर समाज का खोया गौरव लौटाने की कोशिश कर रहे है|
आपके इस तरह के डायलोग पढने के बाद समाज के कई संगठन आपके सहयोग के लिए आगे आ जायेंगे क्योंकि वे भी अपनी समाज सेवा में अक्सर ऐसा वादा करते रहते है पर वादा पूरा नहीं कर पाते, सो उन्हें भी आपके रूप में तारणहार मिल जायेगा| आपकी पुस्तक के बहाने आपसे जुड़े संगठन भी आपकी पुस्तक को अपनी महान उपलब्धि बताते हुए उसका प्रचार-प्रसार कर देंगे| इस तरह आपको सामाजिक भावनाओं का दोहन कर अपनी पुस्तक की धाक ज़माने में बड़ी आसानी होगी|
तो फिर इस महान तकनीकि को अपनाकर हो जाईये शुरू और बन जाईये ब्लॉग व पुस्तक लेखक, साथ कमाईये मोटा धन और सामाजिक प्रतिष्ठा|
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शनिवार, 17 जनवरी 2015
internet
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शुक्रवार, 16 जनवरी 2015
online shoping
अंतरजाल पर आज कई वेब साईट अच्छा खासा व्यापार कर कमाई कर रही है चाहे वे ऑनलाइन अपना माल बेचकर कमा रहें हो या विज्ञापन द्वारा | हमारा ब्लॉग भी तो एक वेब साईट ही है और जब हम अपने ब्लॉग पर इतना समय खर्च कर रहे है तो इससे कमाने की लालसा क्यों न पाले | लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर ब्लॉग से कमाया कैसे जाय क्योंकि ब्लोग्स पर कमाई का एक मात्र जरिया गूगल बाबा के विज्ञापन तो अभी दिखाई नहीं दे रहे तो फिर ब्लॉग से कमाई कैसे की जाय | बेशक गूगल के विज्ञापन आज हिंदी ब्लोग्स पर दिखाई नहीं देते हो पर हम अपने ब्लॉग पर अपने प्रोडक्ट बेचकर तो कमा ही सकते है | ब्लॉग पर ऐसे बहुत से प्रोडक्ट बेचे जा सकते है जिन्हें हम पेपल.कॉम द्वारा ग्राहक से भुगतान प्राप्त कर कोरियर द्वारा भेजकर बेच सकते है | ज्ञान दर्पण पर इस सम्बन्ध में मैंने अपनी एक पिछली पोस्ट "अब ब्लोगिंग के साथ करे ऑनलाइन दुकानदारी " में भी इसकी चर्चा की थी पर उस चर्चा में ब्लॉग पर दुकान लगाना सिर्फ अपने होस्टिंग पर वर्डप्रेस स्क्रिप्ट पर चलने वाले ब्लोग्स पर ही संभव था | इस तरह ब्लॉग पर दुकान लगाना खर्चे वाला सौदा ही था अत : मै कई दिनों से अंतरजाल पर ऐसा जुगाड़ ढूंढने के चक्कर में था जिसकी बदौलत हम अपने ब्लोगर पर उपलब्ध फ्री ब्लोग्स पर ही ब्लोगिंग के साथ अपनी दुकान भी सजा सकें |
आज अंतरजाल पर विचरण करते हुए अचानक ऐसा जुगाड़ दिख गया जिसमे बिना कुछ खर्च किए आसानी से अपने ब्लॉग पर ब्लोगिंग के साथ साथ दुकानदारी भी की जा सकती है और वो भी सारा जुगाड़ फ्री में | तो आईये ब्लॉग पर माल बेचने वाले इस आसान से जुगाड़ के तरीके पर भी चर्चा करही लेते है
१- सबसे पहले इस वेबसाइट पर जाकर अपना मुफ्त वाला खाता बनाएं | यह वेबसाइट आपको १०० एम् बी की मुफ्त जगह उपलब्ध करवाएगी और साथ ही अपने सब डोमेन पर आपको एक सोपिंग कार्ट वेब साईट बनाने की फ्री सुविधा भी देगी |
२- आप
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